पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतें पेट्रोलियम कंपनियां प्रति दिन के हिसाब से बढ़ाती हैं जबकि घरेलू एलपीजी गैसों की क़ीमतें हर महीने पहली और 16वीं तारीख को तय होती हैं.
पेट्रोल पर आम आदमी केंद्र और राज्य को टैक्स के रूप में 60 प्रतिशत राशि चुकाता है जबकि डीज़ल के लिए उसे 54 प्रतिशत रकम चुकाना पड़ रहा है. मौजूदा समय में केंद्र सरकार पेट्रोल पर प्रति लीटर 32.90 रूपये का टैक्स वसूलती है जबकि डीज़ल के लिए यह 31.80 रुपये है.
