चंढूनी ने कहा, ‘यह विनती भी करना चाहूंगा कि जिस भी पुलिसवाले का घेराव करें, उसके साथ कोई ज्यादती न करें, कोई मारपीट न करें। उनको बिठाएं…खिलाएं-पिलाएं…आराम से रखें, लेकिन तब तक नहीं छोड़ें जब तक जिला प्रशासन नहीं आ जाए। इन सभी बातों का ध्यान रखना है। इस पर एक्शन लेना है, क्योंकि दिल्ली पुलिस का कोई और इलाज नहीं रहा है। इस तरह की ज्यादतियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। सभी जगह इनका घेराव करना शुरू कर दो।’
चंढूनी का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने अतिक्रूरता बरत रही है। बहुत से किसानों को पहले ही पकड़ चुके हैं। वे अभी तक जेलों में हैं और उन पर 307 तक के मुकदमे बना दिए। हमारे कई ट्रैक्टर अभी तक नहीं छूटे हैं। बहुत से किसानों को नोटिस आ रहे हैं। जब किसान वहां पर जाता है तो उसे पकड़कर वहीं बैठा देते हैं।
