यूपी में बीजेपी पंचायत चुनाव में इस बार अपन प्रत्याशी उतारेगी. कार्यसमिति की बैठक में तय हुआ कि पार्टी सभी 3051 जिला पंचायत सदस्य पद चुनाव लड़ेगी. इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद व 826 ब्लॉक प्रमुख पद पर भी प्रत्याशियों का ऐलान करेगी. वहीं बीडीसी और प्रधानी के चुनाव में प्रत्याशी का समर्थन करेंगे. दरअसल, पहले बीजेपी यूपी में इन सभी चुनाव में प्रत्याशी का समर्थन किया करती थी, इस बार पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की बकायदा लिस्ट जारी होगी. वहीं सरकार के मंत्री भी उनका चुनाव प्रचार करेंगे. कार्यसमिति की बैठक में ये भी तय हुआ कि पार्टी 8 अभियान चलाएगी. 19 मार्च को सभी जिलों और सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी मंत्री, विधायक और सांसद योगी सरकार के 4 साल पर कार्यक्रम करेंगे और सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे. इस दौरान यह भी तय हुआ कि यूपी बीजेपी का कोई पदाधिकारी पंचायत चुनाव नहीं लड़ेगा. भाजपा 2022 के विधानसभा चुनाव में 2017 से भी ज्यादा सीटें जीतेगी : राजनाथ सिंह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस दौरान दावा किया कि 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 2017 की अपेक्षा अधिक सीटों पर विजय प्राप्त करेगी. अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें. अभी सब्सक्राइब करें उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं, 2017 में हुये विधानसभा चुनाव में भाजपा को 312 सीटें जबकि इसके सहयोगी अपना दल (एस) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को क्रमश: नौ एवं चार सीटें मिली थी . रक्षामंत्री ने भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के उद्घाटन भाषण में कहा, ‘भाजपा में सबसे ताकतवर पन्ना प्रमुख (भाजपा की सबसे निचली इकाई) हैं और समीक्षा करेंगे तो पाएंगे तो यह सिर्फ सत्ता हासिल करने वाले कार्यकर्ताओं का झुंड ही नहीं बल्कि एक जीवंत पार्टी है, जिसका एक राजनीतिक दर्शन है.’ Advertisement Advertisement उन्होंने कहा, ‘आप सीना ठोंक कर कह सकते हैं कि दार्शनिक अवधारणा लेकर भाजपा आगे बढ़ी है और सभी दलों का विभाजन हुआ लेकिन आज तक भाजपा का एक बार भी विभाजन नहीं हुआ है.’ उन्होंने कहा कि ‘भाजपा का संकल्प किसानों की आमदनी दोगुनी करना है और किसी भी सूरत में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समाप्त नहीं होगा. हम सभी किसान परिवार के ही हैं और कृषि जगत के हित के लिए जो होगा उसके संशोधन और समाधान के लिए हम तैयार हैं.’ (दिप्रिंट के प्रशांत श्रीवास्तव के इनपुट्स के साथ) अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक क्यों न्यूज़ मीडिया संकट में है और कैसे आप इसे संभाल सकते हैं आप ये इसलिए पढ़ रहे हैं क्योंकि आप अच्छी, समझदार और निष्पक्ष पत्रकारिता की कद्र करते हैं. इस विश्वास के लिए हमारा शुक्रिया. आप ये भी जानते हैं कि न्यूज़ मीडिया के सामने एक अभूतपूर्व संकट आ खड़ा हुआ है. आप मीडिया में भारी सैलेरी कट और छटनी की खबरों से भी वाकिफ होंगे. मीडिया के चरमराने के पीछे कई कारण हैं. पर एक बड़ा कारण ये है कि अच्छे पाठक बढ़िया पत्रकारिता की ठीक कीमत नहीं समझ रहे हैं. हमारे न्यूज़ रूम में योग्य रिपोर्टरों की कमी नहीं है. देश की एक सबसे अच्छी एडिटिंग और फैक्ट चैकिंग टीम हमारे पास है, साथ ही नामचीन न्यूज़ फोटोग्राफर और वीडियो पत्रकारों की टीम है. हमारी कोशिश है कि हम भारत के सबसे उम्दा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बनाएं. हम इस कोशिश में पुरज़ोर लगे हैं. दिप्रिंट अच्छे पत्रकारों में विश्वास करता है. उनकी मेहनत का सही वेतन देता है. और आपने देखा होगा कि हम अपने पत्रकारों को कहानी तक पहुंचाने में जितना बन पड़े खर्च करने से नहीं हिचकते. इस सब पर बड़ा खर्च आता है. हमारे लिए इस अच्छी क्वॉलिटी की पत्रकारिता को जारी रखने का एक ही ज़रिया है– आप जैसे प्रबुद्ध पाठक इसे पढ़ने के लिए थोड़ा सा दिल खोलें और मामूली सा बटुआ भी. अगर आपको लगता है कि एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें. आपका प्यार दिप्रिंट के भविष्य को तय करेगा. शेखर गुप्ता संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ अभी सब्सक्राइब करें टैग्सUPउत्तर प्रदेशकार्यसमति की बैठकपंचायत चुनावभाजपायोगी सरकार SHARE YOUR VIEWS प्रिंट का विश्वास, डिजिटल की रफ़्तार हमें संपर्क करें: feedback@theprint.in फॉलो करें About Us Contact Careers Terms of Use Privacy Policy Copyright © 2020 Printline Media Pvt. Ltd. All rights reserved.
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