राजनीति में कब कौन किसका अपना हो जाए, यह कोई नहीं जान सकता। ऐसा ही शनिवार को मुजफ्फरनगर में हुआ है। राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले परिवार से गौरव ने भाजपा का दामन थामा तो पूरा परिवार गठबंधन प्रत्याशी के समर्थन में एक मंच पर आ गया।
राजनीति में कब कौन किसका अपना हो जाए, यह कोई नहीं जान सकता। ऐसा ही शनिवार को मुजफ्फरनगर में हुआ है। राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले परिवार से गौरव ने भाजपा का दामन थामा तो पूरा परिवार गठबंधन प्रत्याशी के समर्थन में एक मंच पर आ गया।