नई दिल्ली:
कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे के बीच पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel) के रेट भले ही न बढ़ें, लेकिन महंगाई में इजाफा हो रहा है. सरकार की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, खुदरा महंगाई (RETAIL INFLATION) आठ माह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. जनवरी में यह 6.01 फीसदी पर थी, जो अब बढ़कर 6.07 फीसदी हो गई है. खुदरा महंगाई की ये दर रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा महंगाई को काबू में रखने की सीमा से ऊपर है, जो छह फीसदी तय की गई थी. अगर महंगाई में बढ़ोतरी का यही रुख जारी रहता है तो रिजर्व बैंक को ब्याज दरों में बढ़ोतरी का रुख करना पड़ सकता है. आरबीआई ने पिछले दो सालों से रेपो रेट को करीब चार फीसदी के आसपास बनाए रखा है. अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं तो आपकी होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन की ईएमआई भी बढ़ेगी. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, थोक महंगाई भी फरवरी माह में बढ़ी है. यह लगातार 11वां महीना है, जब थोक महंगाई दोहरे अंकों में रही है. थोक महंगाई फरवरी में 13.11 फीसदी रही है, जो जनवरी 2022 में 12.96 फीसदी रही थी. ईंधन और बिजली की महंगाई सबसे ज्यादा 31.50 फीसदी रही है.
